जानें क्या हैं गायों और दुधारु पशुओ में फ़ैल रहा लंपी रोग, इस रोग के लक्षण और बचाव के तरीके, क्यों इसे कहा जा रहा है लाइलाज बीमारी?

Lumpy skin disease :- वर्तमान समय में राजस्थान में गायों और दुधारु पशुओ की स्किन पर एक बीमारी फैल रही है। जिसे लम्पी स्किन डिजीज के नाम पहचाना जा रहा है। गाय कि यह बीमारी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

राजस्थान में इस बीमारी ने विकराल रूप ले लिया है और आज तक इस बीमारी की वजह से हजारों गाएं संक्रमित हो चुकी है और एक हजार के आसपास मवेशियों की मौत भी हो चुकी है। ज्यादातर इनमें गाय और भैंस शामिल है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

जिन्हें यह बीमारी तेजी से फैली है और इनको इस बीमारी से ज्यादा खतरा भी बताया जा रहा है आज की आर्टिकल में हम आपको लम्पी रोग क्या है और लम्पी रोग के लक्षण व उपचार के बारे में जानकारी देने का प्रयास करेंगे।

लम्पी स्किन बीमारी क्या है?

गाय और भैंस यानी कि दुधारू मवेशियों में फेल रहा एक वायरस आधारित रोग है जो पशुओं को संक्रमित कर रहा है। दुधारू मवेशियों को यह वायरस आधारित बीमारी मात्र 10 दिन में मौत के घाट उतार रही है। क्योंकि इस बीमारी से पशुओं के पूरी चमड़ी पर संक्रमण बड़ी तेजी से फैल जाता है और प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से उन गाय या भैंस की मृत्यु हो जाती है।

लम्पी रोग

वर्तमान में यह बीमारी इतनी तेजी से फैल रही है कि अब तक 1200 से अधिक गायों की मौत हो चुकी है और 25000 से अधिक मवेशी संक्रमित है। उपचार के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन फिर भी गोपाल को को इस बीमारी की चिंता बढ़ती जा रही है।

चर्म रोग वायरस जो लम्पी रोग के माध्यम से पशुओं को संक्रमित करता जा रहा है। यह बीमारी अप्रैल 2022 में पाकिस्तान में आया था और पाकिस्तान से भारत पहुंच चुका है। इतना ही नहीं यह रोग दिन प्रतिदिन हजारों गायों को अपने संक्रमण में फंसा रहा है।

लम्पी बीमारी के लक्षण ?

अपने आसपास चल रहे लंबी बीमारी से पशुओं को दिन प्रतिदिन बढ़ रहे संक्रमण के कारण गोपालक काफी चिंता में है। उनको इस बात का अंदाजा नहीं है, कि इस बीमारी के क्या लक्षण देखने को मिलते हैं और किस तरह से मवेशियों में फैल गई इस बीमारी को पहचाना जाए। लम्पी बीमारी के लक्षण की सूची हम आपको नीचे प्रदान करवा रहे हैं। इस प्रकार के लक्षण यदि आप अपने गाय या भैंस में देख रहे हैं। तो वह पशु इस बीमारी का शिकार हो चुका है।

  • मवेशियों को इस बीमारी से बुखार आना मुख्य लक्षण माना जाता है। बुखार के साथ मुंह से लार और आंखों से पानी आना शुरू होता है।
  • इस बीमारी की वजह से पशुओं के वजन में कमी आती है और दूध के उत्पादन में भी गिरावट देखने को मिलती है।
  • पशुओं के शरीर पर कई बड़े-बड़े धब्बे और दाद की तरफ निशान बन जाते हैं।
  • इस बीमारी की वजह से नर व मादा पशु लंगड़ा पन और निमोनिया के साथ-साथ गर्भपात को बांझपन के शिकार भी हो सकते हैं।
  • मुख्य तौर पर इस बीमारी का लक्षण जो बाहर से दिखाई देता है वह त्वचा पर बन रहे घाव है।

त्वचा पर गांव से आप इस बीमारी को आसानी से पहचान सकते हैं।

lumpy skin disease in cattle
lumpy skin disease in cattle

लम्पी बीमारी का उपचार?

जिस प्रकार से पशुओं और मवेशियों में लम्पी स्किन रोग तेजी से फैल रही है। उसी को ध्यान में रखते हुए सरकार के द्वारा भी कई प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं और इस बीमारी के उपचार के लिए कई निर्देश दिए जा रहे हैं।

  • इस बीमारी का वर्तमान में ऐसा कोई भी इलाज नहीं आया है। इस बीमारी का सबसे पहला इलाज रोकथाम और नियंत्रण है। नियंत्रण और रोकथाम का मतलब यहां पर यह है कि आपको अपने मवेशियों और पशुओं को दूसरे पशुओं के संपर्क में आने से बचाना है।
  • यह बीमारी पूरी तरह से कोरोनावायरस की तरह ही एकदम आपत्ति बन चुकी है। इसकी दवाइयों के निर्माण में टाइम लग सकता है। ऐसे में आपको इस प्रकार की बीमारी से जूझ रहे पशुओं को एंटीबायोटिक दवाएं देकर उनकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करने हैं।
  • हेस्टर बॉयोसांइसिज लिमिटेड कंपनी के द्वारा वैक्सीन विकसित करने वाली एकमात्र कंपनी का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है और उन के माध्यम से इस टीकाकरण को जल्द ही बाजार में लागू किया जाएगा।
  • अपने पशुओं और मवेशियों को हल्दी के साथ नीम के पत्ते और जीरे का पाउडर इन सभी को गर्म पानी में मिलाकर ठंडा करने के बाद पशुओं को खिलाने से काफी हद तक पशुओं के प्रतिरक्षा तंत्र में बढ़ोतरी होती है।
  • दिन में दो से तीन बार आपको मेरी गोल्ड प्लस लिक्विड एंटीसेप्टिक स्प्रे करना चाहिए। पशुओं की त्वचा पर जो गांव इस बीमारी से होते हैं। उन घाव पर आप दिन में दो से तीन बार स्प्रे करके भी काफी राहत दिला सकते हैं।

 

गायों और दुधारु पशुओ को इस बीमारी से कैसे बचाएं??

गायों को इस बीमारी से बचाने के लिए अभी कोई विशेष उपचार नहीं मिला है। लेकिन गायों को इस बीमारी से बचाने के लिए आप घरेलू माध्यम से कई प्रकार के उपचार कर सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार से हैः

  • अपने पशुओं को इस बीमारी से बचाने के लिए एंटीबायोटिक दवाओं के साथ-साथ हल्दी से बने पदार्थों को खिलाकर उनकी प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत कर सकते हो।
  • दिन में तीन से चार बार नमक और नीम के पत्तों के पानी से स्नान कराने से इस प्रकार की बीमारी से छुटकारा मिलता है।
  • एंटीसेप्टिक स्प्रे त्वचा पर उपस्थित गांव पर करना चाहिए जो गाय के और अन्य मवेशियों के लिए काफी कारगर साबित होता है।

सरकार द्वारा लम्पी स्किन रोग के बचाव के लिए किए गए प्रयास :-

सरकार के सामने यह बीमारी एक तरह से विकट परिस्थिति के रूप में सामने आई है। जिस प्रकार से कोरोनावायरस एकदम से देश पर अटैक कर रहा था। उसी प्रकार से यह बीमारी वर्तमान में पशुओं और मवेशियों पर एकदम से अटैक कर रही है। सरकार इस बीमारी से बचने के लिए कई प्रकार के कदम उठा रही है।

  • सरकार के द्वारा अपने मवेशियों को अन्य मवेशियों से संपर्क में आने से बचाव के अभियान चलाए जा रहे हैं।
  • सरकार ज्यादा संक्रमित वाले क्षेत्रों को अलग करते हुए वहां स्प्रे और दवाइयों का उचित प्रतिबध कर रही है।
  • नई दवाइयों के विकास के लिए सरकार सभी कंपनियों को मंजूरी दे रही है।
  • प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए मुफ्त एंटीबायोटिक दवाइयों का वितरण किया जा रहा है।

निष्कर्ष :- 

कोई भी बीमारी कब विकट समस्या के तौर पर खड़ी हो जाए इसका अंदाजा पहले से लगा पाना मुश्किल होता है। लेकिन उस बीमारी का उपचार और उस बीमारी से बचने के प्रयास अवश्य आप को सफल बना सकते हैं।

आज के समय में पशुओं और मवेशियों में फैल रही लम्पी रोग( lumpy skin disease) बीमारी इस विकट परिस्थिति है। लेकिन इसके बचाव और रोकथाम की वर्तमान में इसका बेहतरीन उपचार है। आज के आर्टिकल में हमने आपको लंबी बीमारी क्या है और लंबी बीमारी के बचाव व उपचार क्या है। इसके बारे में जानकारी दी है, हमें उम्मीद है कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको पसंद आई होगी।

Leave a Comment

error: Content is protected !!