साइबर ठगी का तरीका, सतर्क रहे : व्हाट्सएप पर भेजी एक्सिडेंट की फर्जी फोटो, क्लिक करते ही खाते से निकले 4.44 लाख रुपये

युवक का व्हाट्सएप हैक, खाते से कुछ ही मिनटों में 4.44 लाख रुपये गायब

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के गल्ला मंडी निवासी प्रशांत वर्मा को 22 दिसंबर 2025 को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को सड़क हादसे की सूचना देने वाला बताया और कहा कि मृतक की जेब से वर्मा का पहचान पत्र मिला है। वर्मा घबरा गया और उसे व्हाट्सएप पर दुर्घटना की एक तस्वीर भेजी गई। वर्मा ने तस्वीर डाउनलोड की, लेकिन यह एक मैलिशियस एपीके (APK) फाइल निकली। जैसे ही वर्मा ने फाइल खोली, साइबर ठगों को उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस मिल गया और कुछ ही मिनटों में उसके बैंक खाते से 4 लाख 44 हजार रुपये निकाल लिए गए।

बाराबंकी पुलिस ने जानकारी मिलते ही अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भेजी गई फोटो दरअसल मैलिशियस एपीके फाइल थी, जो डाउनलोड होते ही पीड़ित का फोन हैक कर रही थी। पुलिस के मुताबिक इस तरह के नए-नए जालसाज़ी तरीके से साइबर ठग लगातार लोगों को निशाना बना रहे हैं।

पुलिस सतर्कता और अपील :-

बाराबंकी पुलिस अधीक्षक (एसपी) अर्पित विजयवर्गीय ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, मैसेज या व्हाट्सएप पर आई फोटो एवं ऐप/लिंक को न खोलें। उन्होंने कहा कि पार्ट-टाइम जॉब, निवेश या आसान कमाई का लालच देने वाले संदिग्ध संदेशों पर तुरंत भरोसा न करें और ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को दें। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की भी सलाह दी है।

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साइबर धोखाधड़ी की बढ़ती समस्या :-

विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल माध्यमों से अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर अक्सर धोखाधड़ी करते हैं। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक व्हाट्सएप पर हर महीने लगभग 98 लाख भारतीय अकाउंट बंद किए जा रहे हैं, जो साइबर ठगी में लिप्त पाए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल फ्रॉड के 95% मामले व्हाट्सएप जैसे मैसेजिंग ऐप पर ही होते हैं, जिसमें ठग पहचान छिपाकर लोगों को डराकर पैसे ऐंठते हैं।

यह घटना एक बार फिर जागरूकता की ज़रूरत को रेखांकित करती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा विश्वसनीय स्रोतों से ही कोई भी लिंक या फाइल डाउनलोड करें और अनजान संदेशों को सावधानी से देखें। बैंकिंग लेन-देन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता और दो-चरण सत्यापन (two-factor authentication) का उपयोग करना सुरक्षित रहेगा। इस प्रकार की सावधानियाँ लोगों की सुरक्षा और धन की रक्षा में सहायक होती हैं।

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